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परिवार के लिए सुरक्षित, संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करता है वेव्स ओटीटी

पिछले कुछ वर्षों में, आईएफएफआई एक साधारण फिल्म समारोह से एक भव्य उत्सव बन गया है—एक ऐसा शानदार सफ़र जो सिनेमा, संगीत और जीवन के जादू को एक साथ लाता है। पिछले साल,  आईएफएफआईईएसटीए ने इस सांस्कृतिक महायात्रा का मार्गदर्शन करने का बीड़ा उठाया और संगीत और कला को आईएफएफआई के ताने-बाने में पिरोया। दूरदर्शन…

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4000 भारतीय प्रवासियों ने बिखेरे कला के रंग  

त्रिनिडाड और टोबैगो में भारतीय समुदाय के 4000 कलाकारों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने अपनी प्रतिभा के रंग बिखेरे| महात्मा गांधी सांस्कृतिक सहयोग संस्थान समेत दूसरे संगठनों के कलाकारों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया | इस मौके पर प्रधानमंत्री ने त्रिनिडाड और टोबैगो गणराज्य की प्रधानमंत्री महामहिम श्रीमती कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ लोगों को…

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नई टीआरपी नीति में पता चल सकेगी मोबाइल दर्शकों की संख्या

नई दिल्ली : हाल के वर्षों में भारत में टेलीविजन देखने की आदतों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। दर्शक अब न केवल केबल और डीटीएच प्लेटफॉर्म के माध्यम से बल्कि स्मार्ट टीवी, मोबाइल एप्लिकेशन और अन्य ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी सामग्री का उपभोग करते हैं। हालांकि, दर्शकों की संख्या मापने की मौजूदा…

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पीएम मोदी ने किया मनोरंजन शिखर सम्मेलन वेव्स-2025 का उद्घाटन

मुंबई : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में भारत के अपनी तरह के पहले विश्व दृश्य-श्रव्य और मनोरंजन शिखर सम्मेलन वेव्स-2025 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने आज मनाए जा रहे महाराष्ट्र दिवस और गुजरात राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी…

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90 के दशक की पीढ़ी के लिए ‘वंदे मातरम’ को और भी आकर्षक बनाना चाहता था: भारत बाला

क्षेत्रीय सिनेमा कहानियों को बढ़ावा देने के लिए प्राचीन साहित्य के समृद्ध भंडार का उपयोग कर रहा है: अमीश त्रिपाठी प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक भारत बाला ने कहा, “मेरे पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे और 90 के दशक की पीढ़ी के लिए वंदे मातरम गीत को और अधिक आकर्षक बनाने के उनके अनुरोध…

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शोहरत दिमाग ख़राब कर देती है

लेखक : दिलीप कुमार दुनिया के खुशहाल देशों की लिस्ट में भारत अंतिम पायदान पर आता है. भारत दुःखी देशों की लिस्ट में ऊपर आता है. आम ज़िन्दगी भारत में अवसादपूर्ण होती जा रही है है, आम ज़िन्दगी के अपने संघर्ष भी हैं. अपनी चुनौतियां तो है ही, आजकल लोगों का टीवी देखना बहुत कम…

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जब रफ़ी साहब के लिए किशोर दा ने फटकार दिया यश जी को …

लेखक : दिलीप कुमार किशोर दा, रफी साहब दोनों प्रतिद्वंद्वी नहीं थे. जब किशोर दा ने गाना शुरू किया था, तब तक रफी साहब महान बन चुके थे.. एक बार यश चोपड़ा ने रफी साहब का अपमान कर दिया था, तो किशोर दा ने  सभी के सामने यश चोपड़ा को फटकार लगाते हुए कहा था…

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मुझे फ़क्र है मेरी शायरी, मेरी जिंदगी से जुदा नहीं … शकील बदायूंनी

लेखक : दिलीप कुमार एक ऐसे गीतकार जिन्होंने इस नफ़रत भरी दुनिया में प्रेम के गीतों का संसार रचा, जिनके गीत दवा और दुआ का काम करते हैं. शकील साहब ने अपनी ज़िन्दगी मुहब्बत के नग्मो के नाम करते हैं, बाद में दर्द के हवाले कर दिया था. हिन्दी सिनेमा में गीतकार बनने से पहले…

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रोमांटिक फ़िल्मों के ब्लाक बस्टर फ़िल्मकार… शक्ति सामंत

लेखक : दिलीप कुमार हिन्दी सिनेमा की रोमांटिक फ़िल्मों का सृजनकार जो खुद सिल्वर स्क्रीन पर अपनी अदाकारी का जादू बिखेरना चाहते थे, लेकिन नियति ने उन्हें फ़िल्मकार बना दिया. शक्ति सामंत ने खुद भी नहीं सोचा होगा जो खुद स्टार बनना  चाहते थे, वो खुद स्टार मेकर बन गए.  फ़िल्मों का अपना व्यावसायिक दर्शक…

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नहीं रहे हिंदी फिल्मों के ‘कैलेण्डर’ सतीश कौशिक

अभिनय से लेकर लेखन और निर्देशन तक वालीवुड में अपनी अलग छाप छोड़ने वाले फिल्मकार सतीश कौशिक का 6 साल की उम्र में बुधवार को दिल्ली में निधन हो गया| उनके निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है|  कौशिक का निधन तब हुआ जाब वो अपनी कार में थे| उसी…

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