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दिवस : दुनियाँ के माथे की बिंदी अपनी हिन्दी

अरविंद जयतिलक आज हिंदी दिवस है। इस दिन के बहाने हम वर्ष भर होने हिन्दी के आयोजन को याद करने जा रहे हैं! 1975 में नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन हुआ। तब किसी ने सोचा भी नहीं होगा हिन्दी आज दुनियाँ भर अपनी लोकप्रियता के लिए जानी जाएगी! संयुक्त राष्ट्र से लेकर…

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भारत- नेपाल : रोटी- बेटीन भाषा- बोली का रिश्ता है हिमालय के प्रहरी से

डॉ विजय पंडित अध्यक्ष हिन्दी अकादमी नेपाल नेपाल भारत के उत्तर में लगभग 500 मील की लम्बाई में पूरब से पश्चिम तक फैला नेपाल जहाँ अपनी नैसर्गिक सुषमा और संपदा के लिए एशिया का स्विटजरलैंड कहा जा सकता है, वहीं अपने शौर्य एवं वीरता तथा सांस्कृतिक चेतना के लिए हिमालय की गोद में पला यह…

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डिजिटल दुनिया में भी कायम है प्रिंट मीडिया का महत्व: प्रो. द्विवेदी

वीणा संवाद केंद्र, इंदौर द्वारा आयोजित व्याख्यान में बोले आईआईएमसी के महानिदेशक इंदौर। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी का कहना है कि डिजिटल और सोशल मीडिया के सक्रिय हो जाने के बावजूद प्रिंट मीडिया का अलग महत्व है। हमारे सामने भले ही चुनौतियां हैं, लेकिन हम अपनी चुनौतियों का…

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निर्दलीय प्रकाशन ने पर्यटन गुरु को सम्मानित किया

भोपाल : निर्दलीय प्रकाशन के ४९ वे वार्षिकोत्सव में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पर्यटन के क्षेत्र में योगदान के लिए पर्यटन गुरु हॉलीडेज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर महेश भट्ट को “संत माधवानंद सर्वधर्म सम्मान” से सम्मानित किया गया । इस अवसर पर वरिष्ठ…

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रिपोतार्ज़ : “नेपाल-भारत महोत्सव”

प्रदीप देवीशरण भट्ट पिछ्ले वर्ष यानि 2021 के मध्य में दितीय नेपाल-भारत महोत्सव शायद सितम्बर-2021 में होना तय हुआ। इस विषय में मेरी क्रांतिधरा मेरठ के सर्वेसर्वा विजय पण्डित जी से काफी लम्बी चर्चा हुई। मैंने भी अपनी पुस्तक दरिया सूखकर सहरा हुआ है की एक प्रति मय प्रोफाइल के उन्हें भिजवा दी। किंतु कोरोना…

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सांझा साहित्य- संस्कृति के संकल्प के साथ नेपाल- भारत महोत्सव का समापन

द्वितीय संस्करण को बैसाख की 16, 17, 18 तिथियों में आयोजित किया गया। काठमाण्डू : नेपाल भारत के साहित्यिक और सांस्कृतिक सम्बन्धों के नए आयाम को परिभाषित करते हुए तीन दिवसीय महोत्सव का समापन काठमांडू में सम्पन्न हुआ। नेपाली तिथियों के अनुसार साहित्य महोत्सव के द्वितीय संस्करण को बैसाख की 16, 17, 18 तिथियों में…

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श्रद्धांजली : पंडित बिरजू महाराज के नृत्य में थी लखनऊ की नजाकत

उम्मीदों का सूरज लेकर आने वाले 2022 ने साल के शुरुआत में  ही दिल तोड़ने वाली खबर दी। कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज  इस दुनिया में नहीं रहे। हार्ट अटैक के चलते 83 वर्षीय बिरजू महराज का देर रात निधन हो गया। बिरजू महाराज का असली नाम बृजमोहन मिश्रा था। उनका जन्म 4 फरवरी, 1938…

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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से विकास का मोदी फार्मूला

मनीष शुक्ल वरिष्ठ पत्रकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास के विचार पर चर्चा तो लंबे समय से होती आई है। पर इस विचार को मूर्त रूप देने की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की जा रही है। इसकी बानगी हमें काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण में नजर आई। करीब ढाई सौ सालों बाद काशी…

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जीवन का मार्गदर्शक है गीता

अरविंद जयतिलक पाश्चात्य जगत में विश्व साहित्य का कोई भी ग्रंथ इतना अधिक उद्धरित नहीं हुआ है जितना कि भगवद्गीता। भगवद्गीता ज्ञान का अथाह सागर है। जीवन का प्रकाशपूंज व दर्शन है। शोक और करुणा से निवृत होने का सम्यक मार्ग है। भारत की महान धार्मिक संस्कृति और उसके मूल्यों को समझने का ऐतिहासिक-साहित्यिक साक्ष्य…

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नव्य, दिव्य, भव्य काशी को देख दुनियाँ अचंभित, पीएम मोदी को आभार

काशी तो काशी है! काशी तो अविनाशी है। काशी में एक ही सरकार है, जिनके हाथों में डमरू है, उनकी सरकार है।   जहां गंगा अपनी धारा बदलकर बहती हों, उस काशी को भला कौन रोक सकता है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के पहले फेज के लोकार्पण के…

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