डा. प्रताप मोहन “भारतीय” भारत – श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान से अंलकृत
बद्दी : विश्व हिंदी दिवस पर भारतीय उच्चआयोग कोलंबो श्रीलंका तथा पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी द्वारा स्वामी विवेकानंद संस्कृति केंद्र कोलंबो में आयोजित बीसवें लेखन मिलान में बद्दी(हि.प्र.) के डा. प्रताप मोहन “भारतीय” को हिंदी साहित्य लेखन एवं प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए “भारत – श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान”से विभूषित किया गया |यह सम्मान विवेकानंद सांस्कृति केंद्र के निर्देशक प्रो.अकुंरण दत्ता ,केलणीय विश्वविद्यालय की हिंदी विभागध्यक्ष प्रो. नीता सुभाषिनी तथा प्रोफेसर अतिला केथलाविया द्वारा प्रदान किया गया |
श्रीलंका में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के अठारह राज्यों से 101 विधानों ने शिरकत की |इस अवसर पैर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मलेन का आयोजन भी किया गया था|इसमें डा.प्रताप मोहन “भारतीय “ने अपनी हास्य कविताओं को प्रस्तुत कर वाह वाही लूटी |इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति से हिमाचल प्रदेश का मान भी बड़ा हुआ|
उलेखनीय है कि डा प्रताप मोहन “भारतीय” हिंदी भाषा के लिये भारत में कई जगह तथा भूटान की यात्रा कर चुके है |इनका श्रीलंका का दौरा उनका हिंदी साहित्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है |आपको देश -विदेश की संस्थाओ द्वारा सम्मानित किया गया है |आप हिंदी भाषा के साथ-साथ सिंधी भाषा में भी साहित्य सृजन करते है |आपकी इस उपलब्धि पर मित्रों और शुभ चिंतकों ने हर्ष व्यक्त किया है |

