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विधाता का तिलिस्म : संजीव और दिलीप कुमार ने अमर कर दिया

लेखक : दिलीप कुमार संजीव कुमार बहुमुखी प्रतिभा के धनी अदाकार थे. जवानी में भी बुजुर्ग की भूमिका बड़ी सहजता से अदा कर दिया करते थे.  पहले थिएटर में अभिनय की बारीकियां सीखीं. बाद में हिन्दी सिनेमा में पदार्पण किया.आते हुए एक दो फ़िल्मों में उतने प्रभावी नहीं रहे. 1968 में आई फिल्म ‘शिकार’ से…

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कालापानी की काहनी : नजर लागी राजा…  देवानन्द ने राज खोसला को कर दिया अमर!

दिलीप कुमार स्तंभकार देव साहब, मधुबाला, एवं नलिनी जयवंत अभिनीत,  राज खोसला के निर्देशन में देव साहब के नव केतन बैनर तले बनी फिल्म ‘काला पानी’ एक ऐसे व्यक्ति कि कहानी है, जो अपने निर्दोष पिता के उम्रकैद की सजा को गलत सिद्ध करना चाहता है। राज खोसला देव साहब की खोज थे। इनको पहला…

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नूतन और देवानन्द यानि फिल्म काला की दो धाराओं का मिलन

दिलीप कुमार देखो रूठा न करो दिलीप कुमार लेखक    “तेरे घर के सामने” एक कॉमेडी, रोमांटिक फिल्म है.जो सामाजिक संदेश भी दे जाती है कि “जो कुछ नया है वह बुरा नहीं है, न ही वह सब कुछ पुराना अच्छा है”कहानी एक युवा आर्किटेक्चर राकेश (देवानंद) की है, जो पश्चिमी शिक्षा प्राप्त करने के…

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बासु दा की आविष्कार ने सुपर स्टार राजेश खन्ना को दिया कलाकार का दर्जा!

दिलीप कुमार स्तंभकार आविष्कार बासु भट्टाचार्य द्वारा निर्देशित कला फिल्म आज भी प्रासंगिक है, और अपनी अनोखी शैली एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म आज भी बड़े चाव से देख जाती है. सभी को ज्ञात है कि साठ के दशक  से लेकर सत्तर के दशक तक हिन्दी सिनेमा में राजेश खन्ना के सुपर स्टारडम का…

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प्रेम त्रिकोण का नया ‘अंदाज” नर्गिस, दिलीप और राज…

दिलीप कुमार स्तंभकार महबूब खान निर्देशित फिल्म “अंदाज़” 1949 में आई उस दौर की सबसे बड़ी फ़िल्मों में से एक  इसमें प्रेम त्रिकोण में दिलीप कुमार, नर्गिस और राज कपूर हैं. दूरदर्शी संगीतकार नौशाद का संगीत है. गीत मजरुह सुल्तानपुरी द्वारा लिखें गए. अपने जारी होने के समय, अंदाज़ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय…

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ब्लॉकबस्टर “आराधना” फिल्म शक्ति सामंत  बनाना ही नहीं चाहते थे…

दिलीप कुमार स्तंभकार आराधना एक ऐसी फिल्म थी, जिसमें राजेश खन्ना को सुपरस्टार बनाया, यह एक ऐसी फिल्म थी, जिसने शर्मिला टैगोर को एकलौता फिल्म फेयर पुरूस्कार दिलाया, आराधना एक ऐसी फिल्म थी, जिसने किशोर दा को बॉलीवुड में फिर से स्थापित कर दिया. जिसने शक्ति सामंत को उबारा ही नहीं बेस्ट फीचर फिल्म का…

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