जोशीमठ ही नहीं पूरे हिमालय को ‘विकास’ से बचाना होगा
देवभूमि के इसी स्थान पर कभी शंकराचार्य जी ने तप करके ज्योतिर्पीठ स्थापित की थी! यह स्थान भगवान बद्रीनाथ का प्रवेश द्वार भी है! पर हिन्दू आस्था के प्रतीक जोशीमठ की जमीन आज बेतरतीब विकास की बलि चढ़ रही है! यहाँ अब तक 600 से ज्यादा घरों टूट चुके हैं! हजारों परिवार विष्थापन की कगार…
