आदर्श ग्राम: 47.59 लाख लाभान्वित; 16,759 गांव आदर्श ग्राम घोषित

Over 47.59 Lakh Citizens Benefitted Through Adarsh Gram Component

Jul 18, 2026 - 12:19
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आदर्श ग्राम: 47.59 लाख लाभान्वित; 16,759 गांव आदर्श ग्राम घोषित

  46,782 से अधिक विकास कार्य संपन्न; पूरे देश में 24,133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार

नई दिल्ली : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' (पीएम-अजय) के माध्यम से गांव और अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को मज़बूत करने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है। इसी कवायद में आदर्श ग्राम योजना 47,316 गांवों को शामिल किया गया है, जिससे पूरे देशभर के 47,59,399 ग्रामीण किसानों और मजदूरों को फायदा मिला है|  केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों को सशक्त बनाकर समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है|

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत 47,316 गांवों को शामिल किया गया है, जिससे पूरे देश में 47,59,399 नागरिक लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुल 46,782 विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 24,133 ग्राम विकास योजनाएं (वीडीपी) तैयार की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि 16,759 गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया गया है जो अनुसूचित जाति-बहुल गांवों में अवसंरचना, मूलभूत सेवाओं एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में हुई उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।

अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए शिक्षा के अवसर को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को मज़बूत करते हुए, मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 750 विद्यार्थियों के आवास की व्यवस्था हेतु दो बालिका छात्रावासों सहित तीन छात्रावास परियोजनाओं के निर्माण के लिए 22.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता आवंटित की है।

पीएम-अजय में अनुसूचित जाति समुदायों के समग्र विकास के लिए तीन मुख्य घटक शामिल हैं। आदर्श ग्राम योजना उन गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित है जहां अनुसूचित जातियों की संख्या अधिक है, इसके लिए अवसंरचना निर्माण एवं समुदाय के नेतृत्व में योजना बनाई जाती है। सहायता-अनुदान घटक आजीविका उत्पन्न करने, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में मदद करता है जबकि छात्रावास घटक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुंच बेहतर बनाने के उद्देश्य से छात्रावास निर्माण एवं उनकी मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

मंत्रालय ने पीएम-अजय पोर्टल एवं अजय मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एक सुदृढ़ डिजिटल शासन संरचना अपनाया है, जिससे योजना शुरू से अंत तक पूर्ण रूप से ऑनलाइन हो गई है। यह प्लेटफ़ॉर्म ग्राम विकास योजना तैयार करने, परियोजनाओं का मूल्यांकन, निधि की निगरानी, लाभार्थियों की मॉनिटरिंग तथा जियो-टैग रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करता है, जिससे प्रत्येक चरण में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है।

पीएम-अजय के तहत परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए मंत्रालय राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करता है। अवसंरचना, आजीविका, शिक्षा एवं डिजिटल शासन में लगातार निवेश के माध्यम से यह योजना एक समावेशी और न्यायसंगत समाज के निर्माण में योगदान देती है और साथ ही अनुसूचित जाति समुदायों को भारत की विकास यात्रा में पूरी तरह से शामिल होने के लिए सशक्त बनाती है।

 

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