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शीतकालीन सत्र :  जनता से नकारे गए लोग सदन को हुड़दंगबाजी से कंट्रोल करना चाहते हैं : पीएम

नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र, 2024 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संविधान का 75वां वर्ष शुरू हो रहा है| सब मिलकर इसका उत्सव मनाएंगे| इन कार्यक्रमों का उद्देश्य संविधान में निहित मूल्यों को दोहराना और नागरिकों को लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी सही भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है| पीएम ने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संसद को हुड़दंगबाजी से कंट्रोल करने का प्रयास किया है लेकिन देश की जनता इसको नकार देती है और समय आने पर इसका दंड भी देती है| हालांकि इसका खामियाजा नए सांसदों को भुगतना पड़ता है| वो सदन में बोल भी नहीं पाते हैं| फिरभी हुड़दंग करने वाले सबक नहीं लेते हैं और बारबार वही सब करते हैं|

सत्र के शुरू होने से पहले रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ सरकार की एक बैठक हुई। संसदीय कार्य मंत्री श्री किरण रिजिजू ने संसद के दोनों सदनों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में सभी का स्वागत किया। अपने शुरुआती संबोधन में, उन्होंने बताया कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार, 25 नवंबर, 2024 को शुरू होगा और सरकारी कार्यों की आवश्यकता के चलते  सत्र शुक्रवार, 20 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो सकता है। सत्र में 26 दिनों की अवधि में 19 बैठकें होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस सत्र के दौरान संभावित रूप से 16 विधायी कार्यों और 1 वित्तीय कार्य को शामिल करने के लिए चिन्हित किया गया है।

संसदीय कार्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार सदन के पटल पर, प्रक्रिया और कार्य व्यवहार के नियमों के तहत अनुमन्य किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने संसद के दोनों सदनों के सुचारू संचालन के लिए सभी दलीय नेताओं से सक्रिय सहयोग और समर्थन का भी अनुरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री ने नेताओं को यह भी सूचित किया कि 26 नवंबर को कोई बैठक नहीं होगी क्योंकि इस वर्ष हम 1949 में संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जिसके बाद देश भर में साल भर के कार्यक्रम होंगे। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक मंत्रालय के मंत्री श्री जगत् प्रकाश नड्डा, जो राज्यसभा में सदन के नेता भी हैं, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विधि एवं न्याय मंत्रालय और राज्य मंत्री संसदीय कार्य श्री अर्जुन राम मेघवाल और राज्य मंत्री संसदीय कार्य एवं सूचना और प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने भी भाग लिया।

 18वीं लोकसभा के तीसरे सत्र एवं राज्यसभा के 266 वें सत्र के दौरान संभावित तौर पर पेश होने वाले बिलों की सूची

I – विधायी कार्य:-

भारतीय वायुयान विधेयक, 2024

आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024

गोवा राज्य की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक, 2024

बिल ऑफ़ लैडिंग विधेयक, 2024

कैरिज आफ गुड्स बॉय सी बिल, 2024

रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024

बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024

मुसलमान वक्फ (निराकरण) विधेयक, 2024

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024

आयलफील्ड (नियमन और विकास) संशोधन विधेयक, 2024

बॉयलर विधेयक, 2024

राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2024

पंजाब न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2024

मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024

कोस्टल शिपिंग विधेयक, 2024

दि इंडियन पोर्ट्स विधेयक, 2024

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