अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड में राजधानी लखनऊ फेल
Lucknow municipal authorities
- शासन की मासिक रैंकिंग में लखनऊ, बरेली, सहारनपुर, मथुरा और गोरखपुर जनहित शिकायतों के निस्तारण में फिसड्डी
उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट ने ही राजधानी लखनऊ के टॉप होने की पोल खोल दी है| प्रदेश शासन की ओर से जारी आईजीआरएस की मई मासिक रैंकिंग में लखनऊ, बरेली, सहारनपुर, मथुरा और गोरखपुर जनहित शिकायतों के निस्तारण में फिसड्डी साबित हुए हैं। समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान न करने के कारण इन नगर निकायों को प्रदेश के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों की लिस्ट में शामिल किया गया है।
लखनऊ नगर निगम के यूपी में अपने ही दूसरे शहरों से फिसड्डी साबित हुआ है। बरेली,सहारनपुर, लखनऊ, मथुरा और गोरखपुर प्रदेश के सबसे खराब नगरों में मई महीने में लिस्टेड हुए हैं| दूसरी ओर शाहजहांपुर, झांसी, अलीगढ़, मथुरा नगर निगमों में रैंकिंग प्राप्त की है। जनता की शिकायतों के निस्तारण में लखनऊ नगर निगम प्रदेश में सबसे पीछे रहने वाले शहरों में शामिल है, शासन की ओर से जारी एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली की मई 2026 की मासिक रैंकिंग में लखनऊ प्रदेश के पांच सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों में तीसरे नंबर पर है। मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए सभी पांचों नगर निगमों से खराब प्रदर्शन के बाबत स्पष्टीकरण तलब किया है।
प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरुप्रसाद ने खराब रैंकिंग वाले शहरों के नगर आयुक्तों को इस बारे में पत्र लिखकर सुधार के निर्देश जारी किए हैं। दो सप्ताह में रिपोर्ट भी मांगी है कि किन वजहों से शिकायतों के निस्तारण की प्रगति खराब रही। शासन आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली जनता की शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण के आधार पर हर महीने रैंकिंग तय करता है। नियम के अनुसार हर शिकायत का तय समयसीमा में निस्तारण करके फोटो सहित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। इसी के आधार पर हर महीने पूरे प्रदेश के नगर निगमों की रैंकिंग बनती है, मई माह की रिपोर्ट में लखनऊ सबसे खराब पांच शहरों में तीसरे नंबर पर है। जिन शिकायतों के आधार पर नगर निगमों की रैंकिंग तय की गई है उनमें सड़क, नाली, कूड़ा, प्रकाश व्यवस्था, सीवर से संबंधित शिकायतें प्रमुख हैं।
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