वीव द फ्यूचर 4.0 प्रदर्शनी : 100 से अधिक ब्रांड, कारीगर, निर्माता जुटे
Union Minister of Textiles Shri Giriraj Singh Visits ‘Indie Haat 2026’ at National Crafts Museum, New Delhi
- केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने समृद्ध शिल्प परंपराओं की प्रासंगिकता को रेखांकित किया
- चौथे संस्करण में अपसाइक्लिंग, रीसाइकलिंग, मरम्मत, से जुड़े समाधान प्रदर्शित
नई दिल्ली : रोज़मर्रा की ज़िंदगी में टिकाऊ शिल्प-आधारित तरीकों को खोजने और बढ़ावा देने के लिए दिल्ली हाट में ‘वीव द फ्यूचर 4.0 : अपसाइक्लिंग एडिशन’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है| छह दिवसीय प्रदर्शनी में देश भर के 100 से अधिक ब्रांडों, कारीगरों, निर्माताओं, रीसायकलर्स, थ्रिफ्ट कलेक्टिव और इनोवेटर शामिल हुए हैं। इसमें अपसाइक्लिंग, रीसाइकलिंग, मरम्मत, पुनः उपयोग और सर्कुलर डिज़ाइन जैसे कई तरीके बताए जा रहे हैं जो बताता है कि रचनात्मकता और सोच-समझकर अपनाए गए तरीकों से चीज़ों को कैसे बदला जा सकता है।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली के दिल्ली हाट में आयोजित ‘वीव द फ्यूचर 4.0 – अपसाइक्लिंग एडिशन’ प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए कहा, "जैसे-जैसे वस्त्रों की खरीदारी बढ़ रही है, यह आवश्यक है कि हम चक्रीय अर्थव्यवस्था के तरीकों को मज़बूत करें, ज़िम्मेदारीपूर्ण उत्पादन को बढ़ावा दें और ऐसे नए समाधानों को बड़े पैमाने पर अपनाएं जो वस्त्रों के कचरे को कीमती संसाधनों में बदल सकें। 'वीव द फ्यूचर 4.0' जैसी पहल दर्शाती हैं कि कैसे उद्यमिता, नवाचार और स्थिरता मिलकर आर्थिक अवसर व पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकते हैं। साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि इस क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले लाखों कामगारों को सम्मानजनक आजीविका और बेहतर आमदनी मिले। भारत टिकाऊ वस्त्रों के क्षेत्र में खुद को वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे न केवल देश के विकास में, बल्कि दुनिया को एक अधिक ज़िम्मेदारीपूर्ण और सुदृढ़ वस्त्र इकोसिस्टम की ओर ले जाने में भी मदद मिलेगी।"
वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की एक पहल, 'वीव द फ्यूचर 4.0 – अपसाइक्लिंग एडिशन' इस प्लेटफ़ॉर्म का चौथा संस्करण है। यह संस्करण मैटेरियल, समुदायों और पर्यावरण के बीच के संबंधों पर केंद्रित है। यह प्रदर्शनी इस बात को दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक ज्ञान, संसाधनों का ज़िम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल और नए-नए तरीके मिलकर रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए टिकाऊ समाधान तैयार कर सकते हैं। नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में 17 जुलाई 2026 तक जनता के लिए खुली रहेगी।
वस्त्र मंत्रालय में विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने कहा, "'वीव द फ्यूचर' एक राष्ट्रीय मंच बन गया है जो भारत की हथकरघा और शिल्प विरासत को टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचार-आधारित समाधानों से जोड़ता है। यह संस्करण कारीगरों, छात्रों, स्टार्टअप्स, डिजाइनरों और रीसाइकलिंग उद्यमों को एक साथ लाता है ताकि वस्त्रों के कचरे की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों को खोजा जा सके। इसमें अपसाइक्लिंग, मरम्मत, रीसाइकलिंग और सर्कुलर डिज़ाइन जैसे तरीके शामिल हैं, जिन्हें हम भारतीय पीढ़ियों से अपनाते आ रहे हैं। वीव द फ्यूचर 4.0 में युवा उद्यमियों की बड़ी भागीदारी टिकाऊ खपत और संसाधनों के कुशल उपयोग में बढ़ती रुचि को दिखाती है। यह ऐसे मंच (प्लेटफॉर्म) बनाने के महत्व पर भी जोर देता है जो व्यावहारिक और बड़े स्तर पर क्रियान्वयन किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा दें और साथ ही पूरी मूल्य श्रृंखला में आजीविका और उद्यमिता के अवसर पैदा करें।"
वीव द फ़्यूचर 4.0' में आगंतुक के लिए:
कारीगरों, डिज़ाइनरों, ब्रांडों और अन्वेषकों द्वारा निर्मित अपसाइकल और रीसाइकल उत्पाद
वस्त्रों के कचरे, मैटेरियल रिकवरी और सर्कुलैरिटी पर इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन
मरम्मत, पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग पर प्रदर्शन
सस्टेनेबल डिज़ाइन और शिल्प-आधारित नवाचार पर वर्कशॉप और ज्ञान-साझाकरण सत्र
सर्कुलर फ़ैशन, समझदारी से खरीदारी और टिकाऊ भविष्य के बारे में बातचीत।
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