चमड़ा उद्योग : पांच वर्षों में 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य
India is the world's third-largest footwear exporter, currently shipping over USD 4.5 billion annually
- चमड़ा क्षेत्र रोजगार को 40 लाख से अधिक लोगों से बढ़ाकर 1 करोड़ तक ले जा सकता हैः पीयूष गोयल
नई दिल्ली :
नई दिल्ली में 'काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स नेशनल एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड्स 2024-25' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि अभी लगभग 4-4.5 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान निर्यात कर रहे इस क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव लाने की क्षमता है। उन्होंने उद्योग से आने वाले सालों के लिए बड़े लक्ष्य तय करने को कहा। उन्होंने कहा, "अगर मैं आपकी जगह होता - या यूं कहूं कि आपके चमड़े के जूतों के कारोबार में होता - तो मैं अगले पांच से सात सालों में नतीजों को तीन गुना करने से कम कुछ भी नहीं सोचता।" उन्होंने आगे कहा कि उद्योग 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रख सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए बड़े परिणाम हासिल करने के उद्देश्य से अनुकूल परिस्थितियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, अत्यधिक अनुभवी कारीगर, मोची और श्रमिक और उद्योग जगत के अग्रणी लोग हैं जिनके पास बड़ा सोचने, बड़े सपने देखने और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का अनुभव और क्षमता है।
श्री गोयल ने कहा कि भारत द्वारा अंतिम रूप दिया गया एफटीए 38 विकसित देशों के लिए दरवाजे खोल रहा है और चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूके एफटीए 15 जुलाई को लागू होगा। यूरोपीय संघ एफटीए का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रविवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ में अपने समकक्ष के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई और दोनों पक्ष अगले 15-20 दिनों के भीतर कानूनी जांच पूरी करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह 14 और 15 जुलाई को ब्रुसेल्स में अपने यूरोपीय संघ के समकक्ष से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वह व्यवसायियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ ब्रुसेल्स, स्पेन और फिनलैंड की यात्रा करेंगे, क्योंकि भारत ने पहले ही भारतीय उत्पादों, वस्तुओं और सेवाओं का विपणन शुरू कर दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश और इसका उद्योग भविष्य के लिए तैयार है, विदेश में व्यापार प्रतिनिधिमंडल ले जा रहा है।
श्री गोयल ने कहा कि उद्योग को उन एफटीए से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए जिन्हें भारत ने अंतिम रूप दिया है और साथ ही उन विकसित देशों के नए बाजारों का भी लाभ उठाना चाहिए जो इस क्षेत्र के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग के लिए बड़े लक्ष्य तय करने और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की कोशिश करने का यह सही समय है।
निर्यात गंतव्यों में विविधता लाने की बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का 77 प्रतिशत चमड़ा निर्यात अभी सिर्फ 15 देशों में होता है। उन्होंने कहा कि अब दुनिया भर में अपने निर्यात का दायरा बढ़ाने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि जिन 38 विकसित देशों के बाजार खुले हैं, उनके अलावा भारत के पहले से ही 10 आसियान देशों, जापान और कोरिया के साथ एफटीए हैं, जिससे यह संख्या 50 देशों तक पहुंच गई है।
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