फारुख शेख : भरोसेमंद सदाबहार कलाकार
लेखक : दिलीप कुमार हिन्दी सिनेमा की भी अज़ीब सी दुनिया है, यहां कला फ़िल्मों को बोरिंग कहकर खारिज कर दिया जाता है, वहीँ समानान्तर सिनेमा के कलाकारों को एक रस का कलाकार कहकर सीमाओं में बाँध दिया जाता है, लेकिन कई बार सिद्ध हो चुका है, कि समानान्तर सिनेमा ही प्रमुख सिनेमा है. समानान्तर…

