Latest news :

यूपी चयन आयोग करेगा स्कूल- मदरसों में शिक्षक की भर्ती

उत्तर प्रदेश में शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की कवायद शुरू हो गई है| योगी सरकार के इस कदम से स्कूल कालेज से लेकर  मदरसों तक शिक्षक की भर्ती आयोग के जरिये ही होगी | शिक्षा सेवा चयन आयोग ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की परीक्षा का आयोजन भी कराएगा| यूपी शिक्षा सेवा चयन…

Read More

हनुमान जन्मोत्सव और जयंती में अंतर

लेखक : डॉ आलोक चांटिया अखिल भारतीय अधिकार संगठन हनुमान जन्मोत्सव बनाम हनुमान जयंती मानव द्वारा बनाई गई संस्कृति के दायरे में जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है और वह अपना जीवन पूरा करने के बाद इस नश्वर दुनिया से विदा लेता है तो उसके बाद उसके जन्म की तिथि को समाज परिवार के…

Read More

महिला सम्मान पर ‘हमला’ करते विज्ञापन

लेखक : डॉ आलोक चांटिया भारतीय टेलीविजन में दिखाए जाने वाले विज्ञापन लगातार महिला की गरिमा सम्मान के विरुद्ध करते हैं कार्य और दिखाते हैं महिला के मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण का गलतफहमी अपने को देशभक्त बताने वाले और महिलाओं के नाम पर पैडमैन जैसी पिक्चर बना कर सुर्खियां बटोरने वाले अक्षय कुमार के पुरुषों के अंडर…

Read More

महावीर जयंती और वर्तमान में प्रासंगिकता

लेखक : डॉ आलोक चांटिया अखिल भारतीय अधिकार संगठन जिन लोगों ने अपनी इंद्रियों पर वश कर लिया वही जिन से जैन के रूप में प्रतिष्ठित हो गए और ऐसे 23 तीर्थंकर पृथ्वी पर अवतरित हुए जिनमें सबसे पहले ऋषभदेव थे लेकिन 24वें तीर्थंकर वर्धमान नाम से इस दुनिया में आए और कालांतर में वही…

Read More

एक मुस्कराहट कर देती है मौन को निलंबित : डॉ सिधांशु

साहित्यकार मनीष शुक्ल के कविता संग्रह निलंबित मौन के स्वर के स्वर का लोकार्पण और संवाद   मौन को आपकी एक मुस्कराहट निलंबित कर देती है| फिर जो स्वर निकलते हैं| वो दिल की आवाज होती है| कानपुर मेट्रो और बुक लैंड बुक फेयर की ओर आयोजित साहित्यकार मनीष शुक्ल के कविता संग्रह निलंबित मौन…

Read More

घुटन से आजादी का प्रतीक… इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर डे आफ विजिबिलिटी

लेखक : डॉ आलोक चांटिया अखिल भारतीय अधिकार संगठन ट्रांसजेंडर यानी लिंग के परे और यहीं पर यह समझने की आवश्यकता है कि जैविक शब्द सेक्स का सांस्कृतिक रूपांतरण ही जेंडर है जिसके आधार पर मानव संस्कृति ने अपने उद्भव के समय से लेकर आज तक सिर्फ स्त्री और पुरुष को ही सामान्य मानते हुए…

Read More

रामनवमी : राम को किसने कितना जाना

लेखक : डॉ आलोक चांटिया इक्ष्वाकु वंश के प्रथम राजा इक्ष्वाकु और कुल मिलाकर 18 राजा हुए जिसमें रामचंद्र जी भी प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों में एक कौशल नरेश दशरथ के पुत्र थे इसी क्रम में यदि हिंदू धर्म के दसों अवतार की बात करें तो सातवां अवतार भगवान श्री राम कथा जो चैत्र…

Read More

उत्पल दत्त : रंगमंच का विद्रोही अदाकार

लेखक : दिलीप कुमार आज अधिकांश सिनेमाई प्रशंसको को उत्पल दत्त याद  नहीं होंगे. अधिकांश लोग तो उन्हें कॉमिक टाइमिंग के लिए ही जानते हैं. उत्पल केवल एक अदाकार नहीं थे, वो एक क्रांतिक रंगकर्मी भी थे. उत्पल विविधतापूर्ण अभिनय के लिए याद आते हैं. ऋषिकेश मुखर्जी की कॉमिक कालजयी फिल्म गोलमाल में उनकी हास्य…

Read More

कोरोना वायरस जैसी महामारी की दस्तक फिर से

लेखक : डॉ आलोक चांटिया आज भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व के 186 देश करोना जैसे वायरस से पीड़ित होकर अपने देश में रहने वाले लोगों को जिंदा रखने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं यह स्थिति नाजुक इसलिए बन गई है क्योंकि अभी तक इस वायरस के विरुद्ध कोई भी एंटी टोड नहीं…

Read More

सावरकर पर अपनी ही पार्टी लाइन के खिलाफ क्यों हैं राहुल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ किसी भी सीमा पर जाकर विरोश करते नजर आ रहे हैं| फिर चाहें अपनी ही दादी और परदादा के फैसले हों या फिर गठबंधन के दोस्त, राहुल गांधी को किसी की भी परवाह नहीं है| इसीलिए वीर सावरकर को लेकर कांग्रेस की…

Read More